पैसा मोह है, प्यास है
पैसा जीने की हर आस है
पैसा किसीके जीने का मकसद है
तो किसीकी मौत की वजह है
पैसा मकानों को , दीवारों को जोड़ता है
लेकिन पैसा घरों को तोड़ता है
पैसा पानी की तरह बहता है
मगर अमीरों के पास ही रहता है
पैसा उम्मीद है , आशा है
अमीरी की परिभाषा है
पैसा धनवानों के साथ है
और गरीबों की अभिलाषा है
पैसा समाज की हर बुराई की जड़ है
पैसा गरीबी से दूर भागती एक दौड़ है
पैसा कभी श्वेत है
कभी शाम है
कभी मेहनत का अंजाम
और कभी मुफ्त के आम हैं ...
पैसा, पैसा, पैसा...
- आफताब हुसैन
पैसा जीने की हर आस है
पैसा किसीके जीने का मकसद है
तो किसीकी मौत की वजह है
पैसा मकानों को , दीवारों को जोड़ता है
लेकिन पैसा घरों को तोड़ता है
पैसा पानी की तरह बहता है
मगर अमीरों के पास ही रहता है
पैसा उम्मीद है , आशा है
अमीरी की परिभाषा है
पैसा धनवानों के साथ है
और गरीबों की अभिलाषा है
पैसा समाज की हर बुराई की जड़ है
पैसा गरीबी से दूर भागती एक दौड़ है
पैसा कभी श्वेत है
कभी शाम है
कभी मेहनत का अंजाम
और कभी मुफ्त के आम हैं ...
पैसा, पैसा, पैसा...
- आफताब हुसैन
Disagree! Money ain't the cause of any problem.. Fear is! Fear breeds jealousy and greed, not money!
ReplyDeleteActually greed is the cause of fear... and money here implies material possessions... so Greed is the ultimate cause...
ReplyDeleteNice poem...but since when did u start writing in hindi ? :)
ReplyDeletebas yu hi :)
ReplyDeleteonce I read first line, it was like "Kyun paisa paisa karte ho" ;)
ReplyDeletea good poem sirji :)